Saturday, July 25, 2026

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सांच बोलल आ लिखल कठिन काम ह

गाजीपुर। साहित्य चेतना समाज की ओर से ‘चेतना-प्रवाह’ कार्यक्रम के तहत विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद उपाध्याय के डेढ़गाँवा स्थित आवास पर काव्य-गोष्ठी एवं गीत-संगीत का आयोजन किया गया।अध्यक्षता वरिष्ठ कवि विनय राय बबुरंग ने की ।प्रथम चरण में हुई कवि-गोष्ठी में जहाँ कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से वर्तमान परिवेश को रेखांकित किया,वहीं द्वितीय चरण में गायकों ने अपने गीत-संगीत से श्रोताओं को रससिक्त कर दिया। शुभारंभ संजय पाण्डेय की वाणी वन्दना से हुआ। कवि चिदाकाश सिंह ने ‘ मुझको अपने गले से लगाकर,कह दो दुनिया से कि तुम्हारे हैं हम’ सुनाकर श्रोताओं की ढेर सारी तालियाँ बटोरीं। गीतकार नागेश कुमार मिश्र ने ‘अँधेरी रातों का बादल हुआ हूँ,है मेरा चांद कहाँ पागल हुआ हूँ ‘ व्यंग्यकार अमरनाथ तिवारी ‘अमर’ ने ‘आगे बढ़ते उत्साही को कब रोक सकीं दुर्गम राहें,मंजिल खुद उसे बुलाती है फैलाकर दोनों बाहें’ ।व्यंग्यकार आशुतोष श्रीवास्तव ने ‘आज कमाने में रोटी,सरक जाती है लंगोटी’ सुनाकर बेरोजगारी की समस्या पर ध्यान केन्द्रित कर श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। अध्यक्षीय काव्य-पाठ में विनय राय बबुरंग ने ‘सांच बोलल आ लिखल कठिन काम ह,सांपन के बीच चलल कठिन काम ह,कलम के धार के केहू रोक न सकल,चित्र खिंचल समाज क कवि क काम ह’।द्वितीय चरण में संजय पाण्डेय,संस्था के संगठन सचिव प्रभाकर त्रिपाठी,रेवतीपुर के पूर्व प्रधान विजय पाल आदि ने गीत,गजल एवं भजन सुनाकर श्रोताओं को अपने सुर,लय एवं ताल पर झूमने के लिए विवश कर दिया।कार्यक्रम में शशिकांत उपाध्याय,संतोष कुशवाहा,मीरा वर्मा,राजेश कुशवाहा,संजय राय आदि उपस्थित थे।संचालन संस्था के संस्थापक अमरनाथ तिवारी ‘अमर’ एवं धन्यवाद ज्ञापन ओमप्रकाश उपाध्याय ने किया।

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