
गाजीपुर। करंडा ब्लाक के गोशन्देपुर कंपोजिट विद्यालय में विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन का प्रारंभ भारत माता और भगवान राम के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन से हुआ ।कड़ाके की ठंड के बावजूद सम्मेलन में आसपास के सैकड़ो लोग उपस्थित थे। सम्मेलन का आयोजन भाजपा नेता डॉ रजनीश कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य रामाशीष ने कहा कि सवर्ण और अवर्ण की शब्दावली का प्रयोग ही हिन्दू समाज के विरुद्ध षडयंत्र है। संगठित हिंदू समाज ही भारत की एकता और अखंडता की मूल शक्ति है। इसी कारण से विदेशी शक्तियों द्वारा हिंदू समाज के विघटन का अभियान चलाया जाता है। उन्होंने हिंदुओं का आव्हान किया कि आगे आकर सामाजिक समरसता का वातावरण उत्पन्न करने के लिए आगे आयें। जगतगुरु रामानुजाचार्य काशी पीठाधीश्वर निर्मल जी महाराज ने कहा कि हिंदू समाज को अपने संस्कार पूर्ण जीवन के मार्ग का पुन: अनुसरण होगा। भारत के ऋषि महर्षियों और क्रांतिकारियों के व्यक्तित्व से आने वाली पीढ़ियों को परिचित कराना होगा ।उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म सभी व्यक्तियों में एक ही ईश्वर का वास है। इस मूल सिद्धांत पर टिका हुआ है। अतः सिद्धांतत: इसमें किसी प्रकार के भेदभाव की बात नहीं है। विशिष्ट अतिथि डॉक्टर अरविंद कुमार शुक्ला ने कहा कि हिंदू और राष्ट्र एक दूसरे के पर्याय हैं। हिंदू इस देश को भारत माता के रूप में देखा है। उन्होंने कहा कि एक षड्यंत्र के तहत यह भ्रम फैलाया गया था कि अनुवांशिक संरचना की आधार पर हिंदू समाज की विभिन्न जातियां अलग-अलग हैं किंतु अब वैज्ञानिक खोजों से यह स्पष्ट हो गया है कि हिंदुओं की सभी जातियों का डीएनए एक है। उन्होंने कहा कि जाति भेद मुगल काल के गुलामी की देन है। मौनी बाबा आश्रम के महंत ने कहा कि गंगा तट के किनारे स्थित यह करंडा क्षेत्र ऋषि महर्षियों की संतानों का क्षेत्र है। यहां से निकले हिन्दू धर्म के विचारो को पूरे देश में स्वीकृति मिली है। अध्यक्षता नागा बाबा ने किया।




