
गाजीपुर। कलेक्ट्रेट न्यायालय कक्ष में महात्मा गांधी की 156 वीं जयंन्ती तथा लाल बहादुर शास्त्री 121 वी जयंन्ती धूम धाम से मनायी गयी। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया। जिलाधिकारी ने न्यायालय कक्ष के जमीन पर ही बैठकर रामदूत इण्टर कालेज की छात्र-छात्राओ संग रामधुन-रधुपति राघव राजा राम प्रति तपावन सीता राम, का गान गाया। सेवा पखवाड़ा के तहत जिले स्तर पर कला के क्षेत्र मे तीन वर्गो में चयनित छात्र-छात्राओं एवं चित्रकारो को पुरस्कृत किया गया। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि इन दो महान विभूतियों ने जिस प्रकार अपने जीवन को जीया है उनके आदर्शो को आज हम अपने जीवन में आत्मसात करते हुए कार्य करे तो यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होने कहा कि सत्याग्रह तथा सविनय अवज्ञा आंदोलन के माध्यम से उन्होंने समाज के सभी वर्गों में आजादी की लौ प्रज्जवलित की। गांधी ने सत्य और अहिंसा का जो मार्ग दिखाया है वह देश में ही नहीं पूरे विश्व में प्रसिद्ध है और इससे हमारे देश का गौरव आगे बढ़ रहा है। उन्होने कहा कि महात्मा गांधी एक ऐसे महापुरुष थे, जो अहिंसा और सामाजिक एकता पर विश्वास करते थे,उन्होंने भारत में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा सामाजिक विकास के लिए हमेशा संघर्ष किया। उन्होंने भारतीयों को स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि गांधी जी की जो भी परिकल्पना रही हैं उन पर चलकर विभिन्न आयाम स्थापित किए गए हैं, जो भी व्यक्ति देश में रह रहा है उसे भोजन अवश्य मिले अंत्योदय कांसेप्ट के अंतर्गत ऐसी विभिन्न योजनाएं आई। जिसमें हर व्यक्ति को लाभ मिला। गांधीजी की दूसरी परिकल्पना महिलाओं को आगे बढ़ाने की थी जो कि पूरी होती दिखाई दे रही है। हर क्षेत्र में महिलाएं बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। पहले बेटी और बेटे में भेदभाव की भावना थी जिसमें कमी आई है। बेटियों को उनके समस्त अधिकार दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा सब के साथ से सब के प्रयास से ही सबका विकास होगा हम सभी को सादा जीवन उच्च विचार की प्रेरणा रखनी चाहिए। महात्मा गांधी भारतीय संस्कृति पर चलने वाले व्यक्ति थे, और भेदभाव की परंपरा को नष्ट करने के लिए आजीवन संघर्ष करते रहे। जय जवान, जय किसान का जो नारा था वास्तविक में यह नारा नहीं है बल्कि उस समय की सेना के लिए यह बहुत बड़ी रणनीति थी अगर हम महात्मा गांधी जी के सिद्धांतों को अपने जीवन में अमल करें तो न सिर्फ व्यक्ति का बल्कि पूरे समाज का विकास होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री स्वतंत्रता आंदोलन में गांधीवादी विचारधारा के अनुसरण करते हुए देश की सेवा की और आजादी के बाद भी अपनी निष्ठा और सच्चाई में कभी कमी नहीं आने दी। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी भारतीय राजनीति में बेहद सादगी पसंद और इमानदार व्यक्तित्व के स्वामी थे । इस मौरे पर अपर जिलाधिकारी वि0रा दिनेश कुमार सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, डिप्टी कलेक्ट्रर चन्द्रशेखर यादव, पुष्पेन्द्र पटेल, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार, सहित कलेक्ट्रेट के सभी अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।




