
गाजीपुर। नेता प्रतिपक्ष एमएलसी लाल बिहारी यादव ने कटरिया कांड में जेल में निरुद्ध पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं अन्य कार्यकर्ताओं से जिला कारागार में भेंट किया। उन्होंने सत्येन्द्र यादव सत्या के शरीर पर पड़े गंभीर चोटों को देखा। उन्होंने समाजवादी पार्टी कार्यालय डॉ लोहिया -मुलायम सिंह यादव भवन में पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि सत्या के शरीर पर कई चोटों के निशान हैं।उसके तलवे पर अनगिनत लाठियां मारी गयी है ताकि उनके आंखों की रोशनी प्रभावित हो जायें। उनके सर के पीछे गंभीर चोट है। उनका सीटी स्कैन,एम आर आई, किडनी और लीवर जांच के साथ साथ सभी आवश्यक जांच और इलाज ट्रामा सेन्टर भेजकर इलाज कराने की मांग किया।उन्होने निर्दोष जेल में बंद कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा करने की भी मांग किया।उन्होंने कहा कि इस मामले में निर्दोष जेल में हैं और दोषी बाहर घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि मंडल जाने की सूचना होने के बावजूद पुलिस प्रशासन ने न वहां पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था किया और न ही प्रधान प्रतिनिधि और वहां मौजूद सत्ता संरक्षित गुंडों पर अंकुश ही लगाया। वहां प्रधान प्रतिनिधि और सत्ता संरक्षित गुंडों ने पहले से ही प्रतिनिधि मंडल पर हमले की तैयारी कर रखी थी। यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित था। लाल बिहारी यादव ने कहा कि प्रतिनिधि मंडल और पुलिस कर्मियों पर हमला करने वाले प्रधान प्रतिनिधि और अन्य दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए था लेकिन पुलिस शांति पूर्वक पीड़ित परिजनों और उनको आर्थिक मदद के लिए गयी प्रतिनिधि मंडल के लोगों पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया। उन्होंने प्रधान प्रतिनिधि और प्रतिनिधि मंडल पर हमला करने वालों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि इस सरकार में उल्टी गंगा बह रही है। निर्दोष जेल में और दोषी जेल के बाहर मौज कर रहे हैं। उन्होंने करंडा थानाध्यक्ष को तुरंत दूसरे जनपद में स्थानांतरित करने की मांग किया और कहा उनके पद पर बने रहते इस मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के कुशासन , पुलिस की ज्यादती और जुल्म के आगे समाजवादी कभी न झुके हैं और न झुकेंगे। पत्रकार वार्ता में जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, विधायक डॉ विरेन्द्र यादव, जिला उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी अरूण कुमार श्रीवास्तव, अधिवक्ता सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष आत्मा यादव, जिला पंचायत सदस्य राजेश यादव मौजूद थे।




