Saturday, June 27, 2026

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योग को केवल आज ही नही बल्कि अपने दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनायेंः जिलाधिकारी

।ग्यारहवां अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस थीम ‘‘एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए योग‘नेहरू स्टेडियम गोराबाजार में ‘मनाया गया । इसी के साथ तहसील, ब्लाक, समस्त ग्राम पंचायतो व विभिन्न सरकारी व निजी संस्थानों में भी योग दिवस मनाया गया। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य सभा सांसद डा0 संगीता बलवंत, विशिष्ट अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, मण्डलायुक्त वाराणसी एस. राजलिंगम,  जिलाधिकारी अविनाश कुमार एवं मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य ने दीप प्रज्ज्वलित एवं धन्वतरि के चित्र पर माल्यापर्ण कर किया। मौके पर  इस मौके पर डा. संगीता बलवंत  ने कहा कि ‘‘एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए योग‘‘ थीम पर आयोजित 11 वां योग दिवस जिस प्रकार एक पृथ्वी है उसी प्रकार हमारा स्वास्थ्य भी एक ही है। यदि हमें इस पृथ्वी को बचाना है तो हमे जागरूक होना होगा, हमारा तन, मन स्वस्थ रहे तो इसके लिए हमे योग करना होगा, जब हम स्वस्थ रहेगे तभी हम पृथ्वी को भी स्वस्थ रख सकेगे। उन्होने कहा कि  योग भारतीय संस्कृति एवं परंपरा की एक अमूल्य देन है। योग भारत मे सदियो पुरानी परम्परा रही है जिसे हमें हमारे ऋषि मुनियों ने आशीर्वाद के रूप में दिया है। आज जहां हम लोग योग दिवस के रूप में यहां उपस्थित हुए है उसी तरह प्रधानमंत्री विशाखापत्तनम में योग दिवस समारोह मे शामिल है। हमे चाहिए की योग को केवल एक दिन न करके प्रतिदिन योग को अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाये क्योकि जब हम योग करेगे तभी निरोग रहेगे। जब हमारा तन, मन स्वस्थ रहेगा तभी देश भी स्वस्थ रहेगा। आज हमे यह संकल्प लेना है कि केवल 21 जून को ही नही बल्कि प्रत्येक दिन योग को अपने दिनचर्या मे शामिल करते हुए स्वयं स्वस्थ रहेगे और समाज को भी स्वस्थ रखेगे । तभी अपना देश आगे बढेगा। 

मण्डलायुक्त एस0 राजलिंगम ने योग की अलख जगाने के लिए उपस्थित लोगो को बधाई देते हुए कहा कि आज अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस हम मना रहे है। उन्होने कहा कि योग विश्व के लोगो को एक वेलनेश का संदेश देता है तथा यह भारत के कन्ट्रीव्यूशन को दर्शाता है। उन्होने कहा कि भारत की भूमि वह भूमि है जहां योग का प्रादुर्भाव हुआ है। यहां अनेक ऋषि मुनियों ने जन्म लिये जिन्होने योग जैसी साइंटिफिक विद्या से शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खोज निकाला एवं उसका जन-जन में प्रचार भी किया। इसी भूमि से जो विद्या निकली है उसी को प्रधानमंत्री ने आगे पहुचाया और पूरे विश्व पटल पर योग दिवस के माध्यम से स्थापित कराया। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि योग को अपने जीवन शैली में अपनाने, समाज में प्रचार प्रसार करने , आत्म प्रेरित करने के लिए किया जा रहा है। योग हमारी एक ऐसी विरासत है जिससे हम अपने स्वास्थ को ही नही बल्कि मानसिक व शारीरिक विकास के साथ अपने जीवन को आगे बढाने के लिए इसका उपयोग कर सकते है। उन्होने योग को केवल आज ही नही बल्कि अपने दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की । 21 जून अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस यह एक ऐसा मौका था, जब जनप्रतिनिधि, जिले भर के अधिकारी और आम नागरिकों ने एक साथ योगाभ्यास किया। इसमें कुशल योग प्रशिक्षक प्रतीक्षा पाण्डेय एवं धीरज राय ने कॉमन योग प्रोटोकॉल की ग्रीवा शक्ति, शक्ति एवं घुटना शक्ति विकासक क्रियाओं, ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्ध चक्रासन, भद्रासन, वज्रासन, उष्ट्रासन, उत्तान मंडूकासन, मकरासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्ध हलासन, पवनमुक्तासन एवं सवासन सहित कपालभाति नाड़ी शोधन प्राणायाम शीतली प्राणायाम भ्रामरी प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराते हुए प्रतिदिन योगाभ्यास का संकल्प दिलाया। संचालन लेखा एवं कार्यक्रम सहायक नेहरू युवा केन्द्र के सुभाष चन्द्र प्रसाद ने किया। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी वि0रा0 दिनेश कुमार,   पुलिस विभाग के अधिकारीगण, उपजिलाधिकारी सदर,समस्त जनपद स्तरीय विभागो के अधिकारी एवं कर्मचारी, छात्र/छात्राओ, प्रजापिता ब्रम्हकुमारी संस्था, हार्ट फुलनेस के अलावा भारी संख्या में उपस्थित लोगो ने अंन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस में प्रतिभाग किया।

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