
देवकली (गाजीपुर)। ब्लाक के पहाङपुर कलां,ईशनपुर,भितरी,रसूलपुर कोलवर,सम्मनपुर,पचारे,सौरी आदि गांवो में जूट बाल हैगिंग कुटीर उद्योग के रूप मे फल फूल रहा था। तीन दशक पूर्व हजारों महिलाओं के लिए आय का स्रोत बन गया था।यहां से तैयार माल दिल्ली के सहारे विदेश भेजा जाता था।विचौलियों द्वारा मजदूरी कम दिये जाने से कारीगर मुख मोङने लगे।जिससे जूट बाल हैगिंग दम तोङने लगा। जूट बाल हॆगिग को बढावा देने के लिए रविवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला पहाङपुर कलां पहुंचे। जहां उन्होने उपस्थित कारीगरों तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से मिलकर समस्याओं को सुनकर निराकरण करने के लिए आश्वासन दिया।पूर्व ग्राम प्रधान मुनाजिर आलम ने 2010 में बने बाल हैगिग प्रशिक्षण भवन को आज तक चालू न किये जाने तथा चकरोड के अतिक्रमण का मुद्दा उठाया तथा,राजेश पाण्डेय ने कब्रिस्तान तथा डीह बाबा के चहरदिवारी निर्माण के साथ सफाईकर्मी की संख्या बढाने ,ब्रजभूषण पाण्डेय ने रामलीला मैदान के अतिक्रमण ,स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने मानदेय सहित अन्य समस्याओं जिक्र किया।जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने ग्राम में सफाईकर्मी की संख्या बढाकर चार करने,चकरोड,रामलीला मैदान से अतिक्रमण हटाने के लिए दो सप्ताह का समय संबधित विभाग को देने के साथ ही साथ पुनः पहाङपुर कलां आने का आश्वासन दिया।इस मौके पर एडीएम राजबीर कुमार,डीसी आर एल एम आनन्द कुमार गुप्ता,खण्ड विकास अधिकारी जमालूदीन अली,ग्राम प्रधान सरफूदीन कुरेशी,सचिव दुर्गेश यादव,मनोज चौबे,प्रवीण त्रिपाठी,अनवर खांन सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।




