
गाजीपुर। साहित्य चेतना समाज के संगठन सचिव प्रभाकर त्रिपाठी के सहकारी कालोनी आमघाट स्थित आवास पर एक शोक सभा हुई। जिसमें वरिष्ठ साहित्यकार विश्व विमोहन शर्मा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।संस्था के संस्थापक अमरनाथ तिवारी अमर ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए उनकी प्रकाशित पुस्तकों पर चर्चा की।उन्होंने कहा कि उनकी पुस्तकें स्वतन्त्रता संग्राम में गाजीपुर की भूमिका सम्बन्धित महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं।उनकी प्रकाशित पुस्तकों में प्रमुख हैं-गांधी युग में गाजीपुर,गांधी युग में जनपद गाजीपुर (वृहद संस्करण) एवं राष्ट्रीय आन्दोलन में गाजीपुर। उनके सम्पादन में प्रकाशित पुस्तकें हैं-पंडित विश्वनाथ शर्मा स्मृति-ग्रंथ,मुहम्मदाबाद तहसील काण्ड और अगस्त क्रांति का शिखर।संगठन सचिव प्रभाकर त्रिपाठी ने कहा कि स्वतन्त्रता आन्दोलन में इनकी तीन पीढ़ियां एक साथ जेल गई थीं। शोक सभा में डा.रविनन्दन वर्मा,हीरा राम,संजीव गुप्त,राघवेन्द्र ओझा,राजीव मिश्र,आनन्द प्रकाश अग्रवाल,शशिकांत राय,हर्षित श्रीवास्तव,मनोज सिंह आदि उपस्थित थे।




