
सेवराई (गाजीपुर)। गहमर कोतवाली क्षेत्र के गहमर गांव में 24 दिसंबर को हुए बहुचर्चित तिहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इसी क्रम में विधि विज्ञान प्रयोगशाला रामनगर वाराणसी एवं फील्ड यूनिट की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से निरीक्षण किया और पूरे घटनाक्रम का नाट्य रूपांतरण (क्राइम सीन रिक्रिएशन) किया।पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुए इस रिक्रिएशन के दौरान टीम ने घटना के हर पहलू को समझने का प्रयास किया। जांच के बाद एफएसएल टीम अपनी विस्तृत “सीन रिक्रिएशन रिपोर्ट” प्रभारी निरीक्षक को सौंपेगी, जिसे आगे मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायालय में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। मालूम हो कि 24 दिसंबर की रात गहमर के खेलूराय पट्टी में दिल दहला देने वाली वारदात हुई थी। गांव के ही बाबू राय पट्टी निवासी सौरभ सिंह, खेमनराय पट्टी निवासी विक्की सिंह तथा घोपालराय पट्टी निवासी अंकित सिंह की एक दर्जन से अधिक हमलावरों ने धारदार हथियारों से निर्मम हत्या कर दी थी। इसके बाद आरोपियों ने शवों को पास के तालाब में फेंक दिया था, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।इस मामले में मृतक विक्की सिंह के भाई विकास सिंह की तहरीर पर 14 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी अमित सिंह, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है, अभी भी फरार चल रहा है।प्रभारी निरीक्षक के अनुरोध पर पहुंची एफएसएल टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण करते हुए वैज्ञानिक आधार पर साक्ष्य जुटाए और घटना की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया। टीम में उप निदेशक श्रीकांत तिवारी, वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा, वैज्ञानिक सहायक शैलेश कुमार राय एवं मुकेश कुमार शामिल रहे।गहमर कोतवाल प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि घटना से जुड़े तथ्यों को गहराई से समझने और सटीक साक्ष्य जुटाने के लिए क्राइम सीन का रिक्रिएशन कराया गया है। इसकी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी। साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।पुलिस का कहना है कि शेष आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। वहीं, एफएसएल की रिपोर्ट आने के बाद मामले में और अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।




